केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने प्रियंका गांधी की बोट यात्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे महलों पर थीं, तब उन्हें लोगों से जुड़े आम मुद्दे याद नहीं आए. उमा भारती ने मंगलवार को 6 ट्वीट करते हुए प्रियंका गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने अपने पहले ट्वीट में लोगों को सलाह दी कि हम अभी एक गंभीर चुनौती का सामना कर रहे हैं. देश ऊंचाई की ओर छलांग मार रहा है. दुनिया हमें बहुत सारी चुनौतियां दे रही है, ऐसे में भाजपा और नरेंद्र मोदी पर अपना ध्यान केंद्रित कीजिए.
उमा भारती ने कहा कि इन लोगों (प्रियंका गांधी) की ऐसी यात्राएं तो टीवी पर भी ज्यादा देखकर अपना समय नहीं खराब करें. दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि हमें अपने को मिक्स नहीं करना है. सिर्फ आईक्यू का उपयोग करेंगे तो आपको मिसेज वाड्रा की यह बोट यात्रा अर्थहीन, लक्ष्यहीन, आस्थाविहीन लगेगी क्योंकि देश ने पूरे खानदान को इन मुद्दों पर काम करने के लिए लगभग 60 साल दिया.
तीसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि महलों में पले, आयाओं ने पाल-पोस का बड़ा किया, खाने-पीने की, गाड़ी-घोड़े की कमी नहीं रही, शादी के बाद बच्चों को भी आराम से पढ़ाया, दस साल तक मनमोहन सिंह की सरकार में परदे के पीछे सरकार चलाने का पूरा लुत्फ उठाया, तब इन्हें ये मुद्दे याद नहीं आए. चौथे ट्वीट में कहा कि हम तो अपनी आस्था एवं देशभक्ति, दोनों के जज्बे पर जिंदगी टिकाए हुए हैं, लेकिन इनके लिए यह बहुत हल्के-फुल्के मसले हैं. अब ये मैडम वाड्रा, इन मुद्दों पर अपने स्टाइल में टिप्पणियां करेंगी और उस पर फिर वोट मांगेंगी.
अभी तक इनको गंगा, राम, हनुमान, गरीब कुछ याद नहीं आया. हमने इन विषयों को उठाया है और देश की राजनीति के लिए इन विषयों को ताकत बनाया है. हम लोगों के लिए ये मुद्दा आस्था का है, वोट का नहीं. मैं देशवासियों को एक बहुत बड़े खतरे से आगाह कर रही हूं. सोमवार से श्रीमती रॉबर्ट वाड्रा ने नाव से गंगा यात्रा की शुरुआत की है. उन्होंने लेटे हनुमान जी की पूजा की. कई मंदिरों में भी जा रही हैं. गरीबों के मुद्दे उठा रही हैं, पर इनका असली मकसद हमें समझना होगा.
लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गहमागहमी तेज है. प्रियंका गांधी बोट यात्रा पर हैं. वे लगातार मोदी सरकार को अलग-अलग मुद्दों पर घेर रही हैं. प्रियंका की बोट यात्रा और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर भाजपा के कई मंत्री जवाब दे रहें हैं. मंगलवार को केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने प्रियंका गांधी को घेर लिया.
सपा-बसपा के नए लोगों में दोनों पार्टियों के चुनाव निशान के साथ दोनों दलों के नेताओं की तस्वीरें भी लगाई गई हैं. एक तरफ जहां, सपा की साइकिल के साथ अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव और राम मनोहर लोहिया के फोटो लगे हैं. वहीं दूसरी ओर बसपा का चुनाव निशान हाथी के साथ मायावती, कांशीराम और डॉ. अंबेडकर की तस्वीर लगाई गई है.
सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके इस लोगो के क्रिएटिविटी का जिक्र किया है. साथ ही उन्होंने इसे बनाने वाली टीम को बधाई दी है. इससे करीब दो घंटे पहले ही उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती की भी तारीफ करते हुए उन्हें पिछड़ों, गरीबों और महिलाओं के सम्मान के लिए संघर्ष का मसीहा बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा समाज को पीछे ले जाना चाहती है. जबकि हम एक बेहतर भविष्य के लिए लड़ रहे हैं.
बता दें कि अखिलेश यादव और मायावती ने लोकसभा चुनाव में मिलकर नरेंद्र मोदी को हराने का फैसला किया है. सपा-बसपा उत्तर प्रदेश के साथ-साथ मध्यप्रदेश, उत्तराखंड और महाराष्ट्र में मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. उत्तर प्रदेश के 80 लोकसभा सीटों में से 38 सीटों पर बसपा और 37 सीटों पर सपा चुनाव लड़ रहे हैं. जबकि, 3 सीटें चौधरी अजित सिंह की पार्टी आरएलडी को दी है. इसके अलावा अमेठी व रायबरेली में कांग्रेस के खिलाफ उम्मीदवार न उतारने की घोषणा की है.
उत्तर प्रदेश में भाजपा को पटकनी देने के लिए 23 साल पुरानी दुश्मनी को भुलाकर एकसाथ आए सपा और बसपा ने चुनावी अभियान के लिए नया लोगो जारी किया है. सपा के चुनाव निशान साइकिल से सा और बसपा के चुनाव चिन्ह हाथी से थी लेकर 'साथी' बनाया है. इसके साथ ही नारा दिया है कि महागठबंधन से महापरिवर्तन. यही नहीं, सपा के साइकिल के पहिए और बसपा के हाथी सूंड को जोड़कर नया लोगो रचा है.
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