Friday, January 25, 2019

Thackeray: फिल्म के बहाने ठाकरे-शिवसेना की इमेज चमकाने की कोशिश

बाला ठाकरे के जीवन पर आधारित फिल्म ठाकरे का आधा से ज्यादा हिस्सा ब्लैक एंड व्हाइट दिखाया गया है, लेकिन ठाकरे की इमेज पूरी फिल्म में व्हाइट ही दिखाई गई. फिल्म उन सभी सवालों का जवाब देती है, जिनसे बाल ठाकरे जीवनभर घिरे रहे. फिर चाहे वो लोकतंत्र में भरोसा न करने का उनका सिद्धांत हो, या फिर आपातकाल का समर्थन या फिर महाराष्ट्र में बाहरी लोगों पर बैन का सवाल.

फिल्म शुरू से ही यह तथ्य स्थापित कर देती है कि बाल ठाकरे को शिवसेना बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? स्पष्ट तौर पर यह दिखाने की कोशिश है कि जब बाल ठाकरे एक अखबार में मामूली कार्टूनिस्ट थे, तब मराठियों के साथ महाराष्ट्र में कितना अन्याय हो रहा था? इसके बाद मूवी में एक-एक कर बाल ठाकरे पर लगे आरोपों की सफाई नजर आती है. बावजूद फिल्म के अंत में ठाकरे कठघरे में ही खड़े नजर आते हैं.

मूवी सिर्फ ठाकरे को एक हीरो या मराठियों का मसीहा के तौर पर पेश करती है. ये दर्शकों के लिए कोई नया तथ्य नहीं है, लेकिन इसकी कहानी कहने वाले संजय राउत इतने सख्त और दमदारी से ठाकरे की क्लीन इमेज पेश करेंगे, ये थिएटर में ही पता चलता है. पूरी फिल्म में ठाकरे के रूप में नवाजुद्दीन सिद्दीकी छाए रहते हैं, हर सीन में उनका स्टारडम दिखता है. वे कहीं कमजोर नहीं पड़े, चाहे बाबरी मस्जिद गिराने का आरोप हो या फिर दंगों में हाथ होने का.

नवाज की अदाकारी

नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपने किरदार के साथ पूरा न्याय करते नजर आए हैं. उन्होंने ठाकरे के लहजे, हावभाव और उनके तल्ख अंदाज को पकड़ने की कोशिश की, जिसमें उनके प्रभावी संवाद चार चांद लगाने जैसे रहे, लेकिन हर समय एक सख्ती का आवरण ओढ़े रहना उनके जीवन के उस पक्ष को सामने नहीं ला पाता, जिसमें वे एक पिता, पति या कोमल ह्रदय वाले कलाकार भी हैं. अमृता राव को ठाकरे की पत्नी मीना ठाकरे के रूप में स्क्रीन पर जितना स्पेस मिला, उससे उन्होंने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई.

ठाकरे के बहाने से शिवसेना की भी इमेज पॉलिस की कोशिश की गई है. उन सब सवालों को जस्टिफाई किया गया है, जिनमें शिवसेना की कट्‌टर हिंदुत्व की छवि, गैर मराठियों पर गुंडागर्दी और राजनीतिक ध्रुवीकरण के आरोप लगते हैं. संभव है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में शिवसेना को "ठाकरे' के कारण राजनीतिक फायदा भी मिले.

दर्शक फिल्म के अंत में इसी निष्कर्ष पर पहुंचता है कि कहानी कहने वाला जबर्दस्ती छोटे-छोटे संवाद और दृश्यों के जरिए दर्शक से कुछ मनवाना चाहता है या फिर किसी आरोप में सफाई दी जा रही है. जाहिर है कि ठाकरे अपनी विचारधारा को लेकर काफी स्पष्ट थे, जो तमाम मीडिया इंटरव्यू में दिखता भी है, लेकिन उनके (ठाकरे ) बचाव में फिल्म जो तथ्य पेश करती है, वे कमजोर दिखते हैं. फिल्म स्पष्ट तौर पर अपने एजेंडा पर अंत तक कायम रहती है.

कहानी में क्या?

कहानी की बात करें तो ठाकरे के जीवन के उन सब पहलुओं को बारीकी से दिखाया गया, जो उनकी राजनीतिक विचारधारा को प्रभावित करते थे. कहीं-कहीं उनकी छवि इतनी उदार दिखाई गई कि वे एक मुस्लिम को अपने घर पर नवाज पढ़ने की इजाजत दे देते हैं, वहीं अगले ही शॉट में यह घोषणा करते नजर आते हैं कि वे सिर्फ और सिर्फ हिंदुत्व के एजेंडे पर चुनाव लड़ेंगे. वे कहते हैं कि ""यदि लोगों के नपुंसक होने से अच्छा मेरे लोगों का गुंडा होना है. जब सिस्टम के शोषण के कारण लोगों की रीढ़ पीस गई थी, तब मैंने उन्हें सीधा खड़ा होना सिखाया.'' 

अपनी बात प्रभावी तरीके से कहने के लिए कैमरा वर्क और लाइटिंग का निर्देशक अभिजीत पानसे ने भरपूर दोहन किया. फिल्म उस बाल ठाकरे की एक गॉड फादर वाली इमेज दिखाती है, जिसके पास अपने ऊपर लगे हर आरोप का जवाब है.

यदि आप अन्याय के खिलाफ उठ खड़े होने वाले जरूरतमंदों के मसीहा वाले सिद्घांत को सिनेमाई तड़के के साथ देखना चाहते हैं तो ठाकरे आपके लिए है. फिल्म में नवाज के अलावा अन्य कोई किरदार उभरकर सामने नहीं आता, लेकिन आपको इंगेज बनाए रखने के लिए नवाज के अलावा किसी और की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.

Thursday, January 17, 2019

स्मार्टफोन के दौर में नीतू का 'दर्द', लिखा -शादी के 38 साल बाद यही होता है

बॉलीवुड के सदाबहार कपल ऋषि कपूर और नीतू कपूर फिलहाल अमेरिका में है. न्यूयॉर्क में ऋषि अपनी बीमारी की इलाज करा रहे है. सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहने वाली नीतू ने हाल ही में एक फोटो साझा की है, जिसे मॉर्डन दौर की सबसे बड़ी परेशानियों में से एक भी समझा जाता है. नीतू ने इंस्टाग्राम पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, "लंच डेट. शादी के 38 साल बाद यही होता है. पति फोन पर हैं और मैं सेल्फियां खींच रही हूं."  इस तस्वीर में ऋषि पत्नी के साथ होने के बावजूद अपने फोन पर काफी बिज़ी नज़र आ रहे हैं.

पिछले दिनों आशा भोंसले ने भी ट्विटर पर ऐसी ही एक ग्रुप फोटो साझा थी जिसमें उन्होंने लिखा था कि किस तरह स्मार्टफोन के दौर में लोग एक दूसरे के साथ होकर भी साथ नहीं हैं. उस तस्वीर में आशा के साथ नजर आ रहे तमाम लोग अपने अपने स्मार्टफोन्स में बिज़ी थे. 

अब नीतू ने भी नए दौर के अकेलेपन का अपनी तरह से जिक्र किया है. वैसे नीतू सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं. उनकी तस्वीरें चर्चा में भी आ चुकी हैं. हाल ही में नए साल के सेलिब्रेशन से जुड़ी तस्वीरें भी उन्होंने शेयर की थीं. उन्होंने लिखा था, "हैप्पी 2019, इस साल कोई रिजॉल्यूशन नहीं, बस सबके लिए दुआएं. उम्मीद करती हूं कि इस साल प्रदूषण और ट्रैफिक कम होगा. उम्मीद है कि कैंसर आने वाले दिनों में केवल एक जोडियक साइन तक ही सीमित होगा. कोई नफरत न हो, गरीबी कम हो. सबको प्यार और सबसे जरूरी - अच्छा स्वास्थ्य." आलिया की मौजूदगी की वजह से इन तस्वीरों की खूब चर्चा हुई थी.

तस्वीरों में ऋषि और नीतू,  रणबीर कपूर-आलिया भट्ट और रिद्धिमा कपूर की फैमिली के साथ समय बिताते हुए नज़र आ रहे हैं.

ऋषि कपूर, नीतू के साथ काफी दिनों से अमेरिका में ही हैं. वे पिछले साल 29 सितंबर को अमेरिका रवाना हुए थे. उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा था "सभी को हैलो, किसी चीज का इलाज कराने के लिए अमेरिका जा रहा हूं. मैं अपने चाहने वालों से गुजारिश करता हूं कि वो किसी तरह के कयास न लगाएं. आप सभी की दुआओं की बदौलत मैं जल्द वापस आऊंगा."

ऋषि अमेरिका में इलाज की वजह से मां के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाए थे. रणबीर भी कई बार पापा से मिलने अमेरिका जा चुके हैं. ऋषि ने अब तक कई तस्वीरें भी शेयर की हैं. उनकी 2018 में तीन फिल्में रिलीज़ हुई थीं.

वे उमेश शुक्ला की फिल्म 102 नॉटआउट में अमिताभ बच्चन के साथ दिखे थे. इसके अलावा उन्होंने अनुभव सिन्हा की फिल्म मुल्क और लीना यादव की फिल्म राजमा चावल में भी काम किया था. मुल्क अपने पॉलिटिकल कंटेंट के कारण काफी चर्चा में रही थी और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रही थी.

Wednesday, January 9, 2019

पेट्रोल-डीजल की कीमतों का क्‍या है हाल, चेक करें रेट लिस्‍ट

पेट्रोल और डीजल के दाम में बुधवार को लगातार दूसरे दिन स्थिरता बनी रही. इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, बुधवार को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें 68.50 रुपये, 70.64 रुपये, 74.16 रुपये और 71.07 रुपये प्रति लीटर बनी रहीं. चारों महानगरों में डीजल के दाम भी बिना बदलाव के क्रमश: 62.24 रुपये, 64.01 रुपये, 65.12 रुपये और 65.70 रुपये प्रति लीटर दर्ज किए गए. इससे पहले सोमवार को दिल्‍ली में पेट्रोल 21 पैसे महंगा हुआ था जबकि चारों महानगरों में डीजल के दाम में 8 पैसे की वृद्धि की गई.

एनसीआर का क्‍या है हाल

दिल्ली-एनसीआर स्थित नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी पेट्रोल की कीमतें बिना बदलाव के क्रमश: 68.79 रुपये, 68.66 रुपये, 70.03 रुपये और 69.82 रुपये प्रति लीटर पर बनी रहीं. इन चारों शहरों में डीजल के दाम क्रमश: 61.93 रुपये, 61.80 रुपये, 62.75 रुपये और 62.54 रुपये प्रति लीटर रहे.

देश के कुछ अन्य प्रमुख शहरों में, चंडीगढ़, लखनऊ, पटना, भोपाल और जयपुर में पेट्रोल क्रमश: 64.79 रुपये, 68.66 रुपये, 72.67 रुपये, 71.52 रुपये और 69.28 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध रहा. इन पांचों शहरों में डीजल के भाव क्रमश: 59.28 रुपये, 61.82 रुपये, 65.52 रुपये, 63.46 रुपये और 64.61 रुपये प्रति लीटर पर पूर्ववत बने हुए हैं.

यह भी पढ़ें - 2019 में पहली बार बढ़े तेल के दाम

बता दें कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों के निर्धारण के लिए 16 जून 2017 को गतिशील कीमत निर्धारण व्यवस्था यानी डायनामिक प्राइसिंग मेकनिज्म लागू हुई. इसके बाद से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में होने वाले परिवर्तन के अनुसार रोजाना पेट्रोल और डीजल के दाम में बदलाव होता है. पब्‍लिक सेक्‍टर की तेल कंपनियां इससे पहले एडमिनिस्ट्रेटिव प्राइस मेकनिज्म के तहत हर पखवाड़े पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय करती थीं.

रिपब्लिक डे से पहले 11 जनवरी को बॉक्स ऑफिस पर अलग-अलग जोनर की दो बड़ी फिल्में रिलीज हो रही हैं. दि एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के साथ सर्जिकल स्ट्राइक की सच्ची घटना पर बनी फिल्म 'उरी' भी रिलीज को तैयार है. देशभक्ति के मसाले से भरपूर मूवी का निर्देशन आदित्य धर ने किया है. उरी से वे बतौर निर्देशक डेब्यू कर रहे हैं. मल्टीस्टारर मूवी में विक्की कौशल, परेश रावल, यामी गौतम, मोहित रैना लीड रोल में हैं.

फिल्म 28-29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना की ओर से LoC के उस पार किए गए सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित है. पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार में हुई सर्जिकल स्ट्राइक की काफी चर्चा हुई थी. सर्जिकल स्ट्राइक के कई वीडियो भी सामने आए थे. अब आर्मी ऑपरेशन के बैकड्रॉप में सच्ची घटना पर आने वाली फिल्म लोगों की दिलचस्पी के केंद्र में है. माना जा रहा है कि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर निर्माताओं के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है.

शुरुआती हफ्ते में फिल्म के कलेक्शन की अनुमानित रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं. इन फिल्म ट्रेड रिपोर्ट्स की मानें तो पहले दिन ये फिल्म भारतीय बाजार में 3.50 से 4 करोड़ रुपये तक का बिजनेस कर सकती है. बॉलीवुड हंगामा ने अनुमान लगाया है कि पहले वीकेंड में ये फिल्म 12 करोड़ के आसपास कमाई कर सकती है.

क्यों बॉक्स ऑफिस पर चलेगी उरी?

दरअसल, मिलिट्री ड्रामा मूवी के टिकट खिड़की पर अच्छा कारोबार करने की बड़ी वजह फिल्म का सब्जेक्ट है. यूं तो आर्मी बैकड्रॉप पर हर साल कई फिल्में रिलीज होती हैं, लेकिन 'उरी' उन सभी से अलग है. सर्जिकल स्ट्राइक की सच्ची घटना को फिल्म का सब्जेक्ट बनाना ही सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक है. ये कंटेंट सिनेमाहॉल में दर्शकों की भारी भीड़ जुटाने का दम रखता है. रिपब्लिक डे के मौके पर देशभक्ति में रमे मूवी लवर्स के लिए उरी परफेक्ट ट्रीट है.

Tuesday, January 1, 2019

साल के आखिरी दिन लुढ़का बाजार, सेंसेक्‍स 36,068 पर बंद

साल 2018 के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए. बीएसई का 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 8.39 अंक यानी 0.02 प्रतिशत गिरकर 36,068.33 अंक पर बंद हुआ. वहीं एनएसई निफ्टी 2.65 अंक 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,862.55 अंक पर बंद हुआ.  हालांकि सुबह के कारोबार में रुपये में मजबूती और एशियाई बाजारों में तेजी के बाद घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला था.

दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 36,285.46 के ऊपरी स्तर और 36,033.95 के निचले स्तर को छुआ. जबकि निफ्टी ने 10,893.60 के ऊपरी और 10,817.15 के निचले स्तर को छुआ.बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी रही. बीएसई का मिडकैप सूचकांक 78.24 अंकों की तेजी के साथ 15,438.45 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 101.00 अंकों की तेजी के साथ 14,706.69 पर बंद हुआ. 

बीते कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बढ़त दर्ज की गई. शुक्रवार को सेंसेक्स में 269.44 अंकों की तेजी देखने को मिली. सेंसेक्‍स 36,076.72 पर और निफ्टी 80.10 अंकों की तेजी के साथ 10,859.90 पर बंद हुआ था . वहीं गुरुवार को सेंसेक्स 157.34 अंक बढ़त के साथ 35,807.28 अंक पर जबकि निफ्टी 49.95 अंक बढ़त के साथ 10,779.80 के स्‍तर पर रहा.

ये हैं टॉप गेनर्स

टॉप गेनर्स वाले शेयर की बात करें तो टाटा स्‍टील, वेदांता, सनफार्मा, टाटा मोटर्स, इंडसइंड बैंक, कोटक बैंक, पावर ग्रिड, एचसीएलटेक, एशियन पेंट  और एसबीआईएन हैं.वहीं टॉप लूजर्स की बात करें तो एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, आईटीसी, एचयूएल, टीसीएस, ओएनजीसी, बजाज ऑटो, आईसीआईसीआई बैंक हैं.

वहीं साल के आखिरी कारोबारी दिन डॉलर के मुकाबले रुपये की शुरुआत मजबूती के साथ हुई. रुपये 14 पैसे की बढ़त के साथ 69.80 के स्तर पर खुला. जबकि कारोबार के दौरान यह बढ़त 15 पैसे तक पहुंच गई . इससे पहले शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे चढ़कर 69.94 के स्तर पर बंद हुआ था.

सरकार या आप पर यह कर्ज अभी और बढ़ने वाला है. दरअसल, अमेरिका की आर्थिक नीतियों की निगरानी करने वाली संस्‍था रिजर्व फेड ने हाल ही में ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की थी. इसके साथ ही इस बात के संकेत दिए थे कि आने वाले दिनों में ब्‍याज दरों में फिर बढ़ोतरी की जा सकती है. बढ़ोतरी के इस संके‍त का असर भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर भी पड़ सकता है. हालांकि रिजर्व बैंक ब्‍याज दरों में कटौती कर इस कर्ज को रिकवर करने में मदद कर सकता है.

कर्ज बढ़ता गया तो आप पर क्‍या असर होगा

अगर कर्ज बढ़ता गया तो इसका असर महंगाई के जरिए होगा. आरबीआई का भी मानना है कि आने वाले वर्ष में महंगाई का खतरा बढ़ रहा है. दरअसल, बीते महीने मौद्रिक समीक्षा नीति के बाद आरबीआई द्वारा जारी किए गए समीक्षा ब्यौरा में तत्कालीन गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि जहां वित्त वर्ष 2018-19 के दूसरी छमाही में महंगाई 2.7 से 3.2 फीसदी हो सकती है वहीं वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही के दौरान यह 3.8 से 4.2 फीसदी हो सकती है.  ऐसे में इसका असर आपकी जेब पर पड़ सकता है.

国家卫健委:湖北首次无现有确诊和疑似病例报告

  中新网4月27日电 27日, 英国首相约 色情性&肛交集合 翰逊在感染新型冠 色情性&肛交集合 状病毒康复两 色情性&肛交集合 周后, 色情性&肛交集合 将回到唐宁街继续 色情性&肛交集合 他的全职 色情性&肛交集合 领导工作。 在首相生病期 色情性&肛交集合 间代理英...