Tuesday, January 1, 2019

साल के आखिरी दिन लुढ़का बाजार, सेंसेक्‍स 36,068 पर बंद

साल 2018 के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए. बीएसई का 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 8.39 अंक यानी 0.02 प्रतिशत गिरकर 36,068.33 अंक पर बंद हुआ. वहीं एनएसई निफ्टी 2.65 अंक 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,862.55 अंक पर बंद हुआ.  हालांकि सुबह के कारोबार में रुपये में मजबूती और एशियाई बाजारों में तेजी के बाद घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला था.

दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 36,285.46 के ऊपरी स्तर और 36,033.95 के निचले स्तर को छुआ. जबकि निफ्टी ने 10,893.60 के ऊपरी और 10,817.15 के निचले स्तर को छुआ.बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी रही. बीएसई का मिडकैप सूचकांक 78.24 अंकों की तेजी के साथ 15,438.45 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 101.00 अंकों की तेजी के साथ 14,706.69 पर बंद हुआ. 

बीते कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बढ़त दर्ज की गई. शुक्रवार को सेंसेक्स में 269.44 अंकों की तेजी देखने को मिली. सेंसेक्‍स 36,076.72 पर और निफ्टी 80.10 अंकों की तेजी के साथ 10,859.90 पर बंद हुआ था . वहीं गुरुवार को सेंसेक्स 157.34 अंक बढ़त के साथ 35,807.28 अंक पर जबकि निफ्टी 49.95 अंक बढ़त के साथ 10,779.80 के स्‍तर पर रहा.

ये हैं टॉप गेनर्स

टॉप गेनर्स वाले शेयर की बात करें तो टाटा स्‍टील, वेदांता, सनफार्मा, टाटा मोटर्स, इंडसइंड बैंक, कोटक बैंक, पावर ग्रिड, एचसीएलटेक, एशियन पेंट  और एसबीआईएन हैं.वहीं टॉप लूजर्स की बात करें तो एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, आईटीसी, एचयूएल, टीसीएस, ओएनजीसी, बजाज ऑटो, आईसीआईसीआई बैंक हैं.

वहीं साल के आखिरी कारोबारी दिन डॉलर के मुकाबले रुपये की शुरुआत मजबूती के साथ हुई. रुपये 14 पैसे की बढ़त के साथ 69.80 के स्तर पर खुला. जबकि कारोबार के दौरान यह बढ़त 15 पैसे तक पहुंच गई . इससे पहले शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे चढ़कर 69.94 के स्तर पर बंद हुआ था.

सरकार या आप पर यह कर्ज अभी और बढ़ने वाला है. दरअसल, अमेरिका की आर्थिक नीतियों की निगरानी करने वाली संस्‍था रिजर्व फेड ने हाल ही में ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की थी. इसके साथ ही इस बात के संकेत दिए थे कि आने वाले दिनों में ब्‍याज दरों में फिर बढ़ोतरी की जा सकती है. बढ़ोतरी के इस संके‍त का असर भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर भी पड़ सकता है. हालांकि रिजर्व बैंक ब्‍याज दरों में कटौती कर इस कर्ज को रिकवर करने में मदद कर सकता है.

कर्ज बढ़ता गया तो आप पर क्‍या असर होगा

अगर कर्ज बढ़ता गया तो इसका असर महंगाई के जरिए होगा. आरबीआई का भी मानना है कि आने वाले वर्ष में महंगाई का खतरा बढ़ रहा है. दरअसल, बीते महीने मौद्रिक समीक्षा नीति के बाद आरबीआई द्वारा जारी किए गए समीक्षा ब्यौरा में तत्कालीन गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि जहां वित्त वर्ष 2018-19 के दूसरी छमाही में महंगाई 2.7 से 3.2 फीसदी हो सकती है वहीं वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही के दौरान यह 3.8 से 4.2 फीसदी हो सकती है.  ऐसे में इसका असर आपकी जेब पर पड़ सकता है.

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